" वो कहर ढाया तेरी अंगडाइने
शर्म से पानी हुए खुद आईने"
शर्म से पानी हुए खुद आईने"
" ढल गई वो आप ही तस्वीर में
यूं ही कागज़ पर खिंची थी लाइनें"
यूं ही कागज़ पर खिंची थी लाइनें"
" कम समझकर पाँव पानी में रखा
दे दिया धोका हमे गहराई ने"
दे दिया धोका हमे गहराई ने"
" नेकनामी को समझते थे भला
तोड़ डाला वो भरम रुस्वाइने"
तोड़ डाला वो भरम रुस्वाइने"
"उम्रभर बस हम ग़ज़ल कहते गए
उम्रभर पीछा किया परछाइने'
उम्रभर पीछा किया परछाइने'
हा ख़लिश सस्ते में हमको ले लिया
सोच की बढ़ती हुई महंगाइने"
सोच की बढ़ती हुई महंगाइने"
ख़लिश------
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