Monday, 6 March 2017




मुस्कुराना रिवाज़ क्यों कर है-----
हरतरफ़ एतिराज़ क्यों कर है
सुर से नाख़ुश ये साज़ क्यों कर है-----
बज़्म सारी उदास बैठी है
ये क़यामत रियाज़ क्यों कर है-----
बस के चुप है तो चुप ही रहने दो
ये न पूछो लिहाज़ क्यों कर है-----
दिल को जानोगे दिल से जानो तो
हमको दिलपर यूं नाज़ क्यों कर है-----
हर ख़ुशी सूखकर हुई कांटा
एक बस ग़म गुदाज़ क्यों कर है------
इस पे क्या दे जवाबेअश्क़ ख़लिश
मुस्कुराना रिवाज़ क्यों कर है-----
ख़लिश----------------
गुदाज़---मांसल,(इथे ताज़ातवाना असा घेतला आहे)

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