GAZAL
Wednesday, 9 November 2016
फिर गुलाबो का मौसम खिला है
फिर कोई याद आने लगा है
दूर खुलती हुई खिड़कियों में
कोई अंगड़ाईयां ले रहा है
https://www.youtube.com/watch?v=l5Xmre-rw90&list=UUFDSH39XE7t6shPDWvOuktQ&index=17
Tuesday, 8 November 2016
टूटे हुए रिश्तो का हर जख़्म हरा लिखना
जब भी उसे ख़त लिखना आदाब मेरा लिखना
https://www.youtube.com/watch?v=PwN6iMw0oVw
Monday, 7 November 2016
नसीब आजमाने के दिन आ रहे हैं
क़रीब उनके आने के दिन आ रहे है
टपकने लगी उन निगाहों से मस्ती
निगाहे चुराने के दिन आ रहे है।
कलाम - फैज़ अहमद फैज फैज
गायक- बुद्धरत्न लिहीतकर
https://www.youtube.com/watch?v=XjKVDGTur_g
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